PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) में निवेश कैसे करें? जानिए खाता खोलने की प्रक्रिया, ब्याज दर, टैक्स में मिलने वाली छूट, लोन और निकासी के नियम विस्तार से।

हम आपको निवेश के विकल्पों के बारे में बता रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि जो जानकारियां हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं, आपको इससे मदद भी मिल रही होगी। आज हम बात कर रहे हैं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund), जिसे आप PPF से भी जानते हैं।
PPF में अगर आप रकम निवेश करते हैं, तो उस पर ब्याज भी मिलता है, साथ ही उस पर कर में भी छूट मिलती है। यह सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना (Small Savings Scheme) है, जो लंबी अवधि के निवेश और रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए बेहतरीन विकल्पों में से एक है।
इस लेख में हम PPF से जुड़े हर पहलू को विस्तार से समझेंगे – खाता कैसे खोलें, कितना निवेश करें, कितना ब्याज मिलेगा, टैक्स में कैसे बचत करें, और जरूरत पड़ने पर लोन या निकासी कैसे करें।
PPF क्या है? (What is PPF?)
PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड, एक लोकप्रिय दीर्घकालिक बचत योजना है, जिसे भारत सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को छोटी बचत के लिए प्रोत्साहित करना और रिटायरमेंट के बाद के लिए एक सुरक्षित फंड तैयार करना है। यह योजना ईईई (EEE) श्रेणी में आती है, यानी निवेश पर टैक्स छूट, ब्याज पर टैक्स छूट और परिपक्वता राशि पर भी टैक्स छूट मिलती है।
PPF खाता कैसे खोलें? (How to Open PPF Account?)
PPF खाता खोलना बहुत आसान है। याद रखिए, आप एक ही PPF खाता खोल सकते हैं (माइनर के नाम पर दूसरा खाता खोल सकते हैं) और यह निवेश लंबी अवधि के लिए होता है, जो कम से कम 15 साल का होता है।
खाता कहां खोल सकते हैं?
आप अपना PPF खाता निम्नलिखित जगहों पर खोल सकते हैं :
- पोस्ट ऑफिस: अपने नजदीकी डाकघर में जाकर।
- बैंक: किसी भी सरकारी (SBI, PNB, BOB आदि) या निजी बैंक (HDFC, ICICI, Axis आदि) में जिन्हें PPF खाता खोलने की अनुमति है।
खाता खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज:
जहां भी आप खाता खोल रहे हैं, वहां से पहले आप PPF के लिए फॉर्म लेंगे और उसमें सही और पूरी जानकारियां भरेंगी। अब आपको कुछ दस्तावेज या डॉक्यूमेंट्स देने होंगे :
- KYC दस्तावेज: आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से किसी एक की फोटो कॉपी।
- रेजिडेंशियल प्रूफ: बिजली बिल, राशन कार्ड, या आधार कार्ड (यदि पता सही है)।
- पासपोर्ट साइज फोटो: हाल ही में ली गई 2-3 फोटो।
- नॉमिनी विवरण: आपने जिसे नॉमिनी बनाया है, उसका नाम और संबंध बताना होगा।
न्यूनतम निवेश:
इन दस्तावेजों को जमा करने के बाद अब आपको एक राशि जमा करनी होगी। आप अपना PPF खाता कम से कम ₹500 से खोल सकते हैं ।
PPF में निवेश की सीमा और नियम (PPF Investment Limits and Rules)
PPF में निवेश को लेकर कुछ बुनियादी नियम हैं, जिन्हें समझना जरूरी है:
1. निवेश की अधिकतम और न्यूनतम सीमा
- न्यूनतम निवेश: एक वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹500 जमा करना अनिवार्य है।
- अधिकतम निवेश: एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख तक का ही निवेश किया जा सकता है।
- याद रखिए कि आपको एक साल में कम से कम ₹500 जमा करने ही होंगे।
2. निवेश कैसे करें?
यह रकम या तो आप एकमुश्त जमा कर सकते हैं, या फिर अपनी सुविधा के मुताबिक हर महीने या तिमाही किश्तों में भी जमा कर सकते हैं । इस खाते में आप राशि कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं ।
3. संयुक्त खाता नहीं होता
यह खाता केवल आपका होगा, आप इसमें संयुक्त खाता (Joint Account) नहीं खोल सकते। हालांकि, आप नाबालिग बच्चे के नाम पर उसके अभिभावक के तौर पर खाता खोल सकते हैं।
4. अकाउंट इनएक्टिव होने पर क्या होगा?
अगर आप किसी भी एक साल में कोई भी राशि (न्यूनतम ₹500 भी) जमा नहीं कर पाते हैं, तो आपका अकाउंट इनएक्टिव (निष्क्रिय) हो जाएगा। फिर उसे एक्टिव करवाने के लिए आपको पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। साथ ही, अकाउंट को एक्टिव कराने के लिए आपको ₹50 प्रति वर्ष के हिसाब से जुर्माना (पेनल्टी) देना होगा, जितने साल खाता निष्क्रिय था, उतने सालों के लिए ₹50 प्रति साल के हिसाब से। साथ ही बकाया वर्षों की न्यूनतम ₹500 की राशि भी जमा करनी होगी।
PPF पर ब्याज दर (PPF Interest Rate 2026)
सबसे अहम सवाल कि आपको इस निवेश पर कितना ब्याज मिलेगा?
- अगर आप इस साल (2026) PPF का अकाउंट खोल रहे हैं, तो इसपर आपको 7.1% का चक्रवृद्धि ब्याज मिलेगा, जो हर तिमाही (हर 3 महीने) में जोड़ा जाता है।
- भारत का वित्त मंत्रालय हर साल इसकी समीक्षा करता है। ऐसे में ब्याज की दर बदल भी सकती है। पिछले कुछ सालों में यह दर 7% से 8% के बीच रही है। ब्याज का भुगतान हर साल 31 मार्च को खाते की शेष राशि पर किया जाता है।
PPF पर लोन (Loan Against PPF)
क्या आपको पता है कि अगर आपका PPF अकाउंट है, तो इसपर लोन या कर्ज भी ले सकते हैं आप?
जी, बिल्कुल सही सुना आपने। PPF अकाउंट होने पर आप अपनी जरूरतों के लिए लोन भी ले सकते हैं।
लोन लेने के नियम:
- लोन लेने का प्रावधान अकाउंट खुलने के तीसरे (3rd) और छठे (6th) साल के बीच किया गया है।
- आप खाते में जमा राशि का अधिकतम 25% तक लोन ले सकते हैं।
- यह लोन उस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में उपलब्ध शेष राशि के आधार पर मिलता है।
लोन पर ब्याज दर:
- जो लोन आप ले रहे हैं, उस पर आपको PPF पर मिलने वाली ब्याज दर से 2% अधिक दर देनी होगी। उदाहरण के लिए, अगर PPF ब्याज दर 7.1% है, तो लोन पर ब्याज दर 9.1% होगी।
- यह लोन आपको अपने खाते से चुकाना होता है और इस दौरान आपके PPF में जमा राशि पर ब्याज वैसे ही मिलता रहता है।
PPF से पैसे निकालना (PPF Withdrawal Rules)
पूरी राशि निकालना (मेच्योरिटी के बाद):
आप PPF से पूरी राशि और उसका ब्याज PPF की मेच्योरिटी यानी 15 साल बाद निकाल सकते हैं, जिसके बाद आपका यह अकाउंट बंद हो जाएगा ।
आंशिक निकासी (Partial Withdrawal):
अगर आपको बहुत जरूरत पड़े, तो आप 6 साल पूरे होने पर (सातवें वित्तीय वर्ष से) आंशिक राशि निकाल सकते हैं।
- आप PPF से छठे साल के अंत में जमा की गई राशि का 50% निकाल सकते हैं। यानी साल 1 से 5 तक की जमा राशि और ब्याज को मिलाकर जो बैलेंस होता है, उसका 50% निकाल सकते हैं।
समय से पहले खाता बंद करना (Premature Closure):
अगर आप 15 साल से पहले राशि निकालती हैं, तो आपको पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। समय से पहले खाता बंद कराने की अनुमति केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में मिलती है, जैसे:
- खाताधारक की मृत्यु हो जाने पर।
- उच्च शिक्षा के लिए धन की आवश्यकता।
- इलाज के लिए धन की आवश्यकता।
इसके लिए आपको फॉर्म भरने होंगे और आवेदन देना होगा। साथ ही, समय से पहले खाता बंद करने पर ब्याज दर में कटौती (1% कम) भी की जा सकती है।
PPF पर टैक्स छूट (Tax Benefits on PPF)
PPF का सबसे बड़ा फायदा इसकी ट्रिपल ई (EEE) टैक्स छूट है।
- निवेश पर छूट: PPF के तहत निवेश इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट के लिए पात्र है। आप अधिकतम ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं।
- ब्याज पर छूट: PPF पर मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है।
- परिपक्वता राशि पर छूट: 15 साल बाद मिलने वाली कुल राशि (निवेश + ब्याज) भी टैक्स फ्री होती है।
यह इसे एक ट्रिपल टैक्स फ्री निवेश बनाता है।
PPF अकाउंट की परिपक्वता के बाद विकल्प (Post-Maturity Options)
15 साल पूरे होने के बाद आपके पास तीन विकल्प होते हैं:
- खाता बंद करना: आप पूरी राशि निकाल सकते हैं और खाता बंद कर सकते हैं।
- खाता जारी रखना (बिना निवेश): आप खाते को बिना किसी अतिरिक्त निवेश के जारी रख सकते हैं। इस पर मौजूदा ब्याज दर पर ब्याज मिलता रहेगा और आप कभी भी एक बार में पूरी राशि निकाल सकते हैं।
- खाता जारी रखना (निवेश के साथ): आप 5 साल के ब्लॉक में निवेश जारी रख सकते हैं। इसके लिए एक फॉर्म भरना होता है। ऐसे में आपको PPF के सभी नियम (निवेश सीमा, टैक्स छूट आदि) वैसे ही लागू रहेंगे।
PPF के फायदे (Benefits of PPF)
- सुरक्षित निवेश: यह पूरी तरह से सरकारी गारंटी वाली योजना है, इसलिए इसमें कोई जोखिम नहीं है।
- टैक्स में बचत: EEE श्रेणी होने के कारण यह टैक्स बचत का बेहतरीन साधन है।
- आकर्षक ब्याज दर: बैंक एफडी की तुलना में अक्सर PPF पर ब्याज दर प्रतिस्पर्धी होती है।
- लोन की सुविधा: जरूरत पड़ने पर आप अपने निवेश पर लोन ले सकते हैं।
निष्कर्ष
PPF एक सुरक्षित, कर-कुशल और दीर्घकालिक निवेश विकल्प है, जो हर उम्र के निवेशक के लिए उपयुक्त है। चाहे आप रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हों या बिना जोखिम के अच्छा रिटर्न चाहते हों, PPF आपके पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा हो सकता है।
तो PPF पर हमारा यह लेख आपको कैसा लगा, हमें जरूर बताएं। अगर किसी और विषय पर कोई जानकारी आप चाहते हैं, तो वो भी कमेंट करके जरूर बताएं। लेख पसंद आया, तो इसे लाइक करें, अपने दोस्तों के बीच शेयर करें, और टैक्स समाचार के साथ बने रहें।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। PPF से जुड़े नियम और ब्याज दरें सरकार द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती हैं। निवेश का निर्णय लेने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें या आधिकारिक स्रोतों (जैसे India Post या अपने बैंक की वेबसाइट) पर नवीनतम जानकारी जरूर देख लें ।
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